खुद को भारत में ‘टोल टैक्स का जनक’ क्यों कह रहे हैं नितिन गडकरी?

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को राज्यसभा में खुद को भारत में ‘टोल टैक्स का जनक’ कहा। हालांकि इसके पीछे उन्होंने एक 32 साल पुराना किस्सा भी सुनाया। गडकरी उच्च सदन में कुछ सवालों के जवाब दे रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि वह देश में ‘एक्सप्रेसवे पर पथ कर के जनक’ हैं क्योंकि उन्होंने ही 32 साल पहले 1990 के दशक में इस तरह की पहली सड़क बनाई थी। वह तब महाराष्ट्र में मंत्री थे।गडकरी ने उच्च सदन में प्रश्नकाल के दौरान टोल से जुड़े पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए यह टिप्पणी की। सदस्यों ने शहर की सीमा के भीतर एक्सप्रेसवे पर टोल बूथ स्थापित करने पर चिंता जताते हुए कहा था कि इस वजह से स्थानीय लोगों को शहर के भीतर यात्रा करने पर भी टोल का भुगतान करना पड़ता है। उन्होंने सदस्यों को आश्वासन दिया कि इस समस्या को दूर किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि समस्या पिछली यूपीए सरकार के दौरान उत्पन्न हुई थी।गडकरी ने कहा, “सौभाग्य से या दुर्भाग्य से, मैं इस टोल का जनक हूं क्योंकि देश में पहली बार मैंने टोल सिस्टम शुरु किया था और महाराष्ट्र के ठाणे में बीओटी (निर्माण-संचालन-हस्तांतरण) की पहली परियोजना कार्यान्वित हुई थी।” गडकरी 1995 से 1999 के बीच महाराष्ट्र सरकार में लोक निर्माण विभाग के मंत्री थे और उनके कार्यकाल के दौरान अपनी तरह की पहली मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे परियोजना लागू की गई थी।

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