गुलाम नबी आजाद के जाने के फायदे गिना रही कांग्रेस, याद दिला दी 1977 की बड़ी चुनावी हार

जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस अब गुलाम नबी आजाद के पार्टी छोड़ने के फायदे गिना रही है। पार्टी के नेताओं का कहना है कि अब कांग्रेस की प्रदेश इकाई में सुधार हो सकेंगे। आजाद भी केंद्र शासित प्रदेश में अपनी पार्टी लॉन्च करने का ऐलान कर चुके हैं। हालांकि, अब तक दल के नाम और तारीख को लेकर स्थिति साफ नहीं है। आजाद ने 26 अगस्त को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पार्टी के नेताओं का कहना है कि आजाद के जाने से प्रदेश कांग्रेस में सुधार का रास्ता साफ हो गया है। नेताओं का कहना है कि यह प्रक्रिया लोगों के नाराज होने के डर से रुकी हुई थी। इधर, कांग्रेस के प्रवक्ता जहांजैद सिरवाल का कहना है कि पार्टी आलाकमान जल्दी जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के अध्यक्ष विकार रसूल और कार्यकारी अध्यक्ष रमन भल्ला के लिए टीम नियुक्त करेंगे।इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, पार्टी के वरिष्ठ नेता ने कहा कि आजाद के साथ नेताओं के मौजूद होने की बात मीडिया स्टोरी है, जो जल्दी कमजोर हो जाएगी। उन्होंने कहा कि उन नेताओं में से केवल जीएम मंसूरी का ही पक्ष मजबूत है। उन्होंने साल 2014 में नरेंद्र मोदी की लहर के बावजूद अपनी सीट बचाने में सफलता हासिल की थी। उन्होंने बताया कि आजाद के साथ खड़े कई नेता भी कई आरोपों का सामना कर रहे थे और इससे पार्टी में साफ छवि के और नेताओं की एंट्री का रास्ता साफ हो गया है।

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