चार बार रिजेक्ट नेता को सपा अध्यक्ष बनाना वंशवाद का भद्दा प्रदर्शन,

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अखिलेश यादव को तीसरे पर राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने हमला बोला। भूपेंद्र सिंह चौधरी ने सपा के राष्ट्रीय सम्मेलन को वंशवादी संस्कृति का सबसे बड़ा प्रमाण बताया। उन्होंने अखिलेश पर हमला बोलते हुए कहा, किसी ऐसे व्यक्ति के लिए जिसे चार बार 2014, 2019 के लोकसभा चुनाव और 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव में लोगों ने खारिज कर दिया हो उसे पार्टी प्रमुख रूप में फिर से चुना जाना वंशवादी शासन का असली प्रदर्शन है। भूपेंद्र सिंह ने सपा अध्यक्ष पर निशाना साधते हुए आगे कहा, अखिलेश यादव प्रोपेगेंडा फैलाने के ब्रांड अंबेसडर हैं। उनके प्रोपेगेंडा को जनता 2024 में फिर से बेनकाब करेगी। पूरी सपा जीरो पर आउट होगी। उनका अधिवेशन परिवारवाद की पराकाष्ठा है।उन्होंने कहा है कि वर्ष 2024 में फिर से ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ होने वाला है। भ्रष्टाचार, जंगलराज, परिवारवाद, तुष्टीकरण ही सपा का डीएनए है और प्रदेश को गर्त में ढकेलने की सजा जनता सपा को दे रही है, आगे भी देगी। उन्होंने कहा है कि सपा का राष्ट्रीय अधिवेशन परिवारवाद की पराकाष्ठा का सबसे बड़ा नमूना है। राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर लगातार चार बार से जनता की ओर से नकारे जाने के बाद भी एक ही व्यक्ति को बार-बार चुनना, यह साबित करता है कि पार्टी में दूसरा कोई योग्य व्यक्ति नहीं है और पूरी पार्टी धरातल से कोसों दूर है। उन्होंने कहा कि सपा सरकार में सबसे अधिक उत्पीड़न दलितों का हुआ, यह बात आज भी दलित समाज भूला नहीं है। बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर और डा. राम मनोहर लोहिया के विचारों से सपा भटक चुकी है। सपा सरकार में पिछड़ों का मतलब सिर्फ एक जाति रही है और एक ही जाति के लोगों को नौकरियां मिलती थीं। वहीं प्रदेश की योगी सरकार में कानून-व्यवस्था की प्रशंसा पूरे देश में की जा रही है। पूरी पारदर्शिता के साथ नौकरियों में युवाओं की भर्ती हो रही है। भाजपा की डबल इंजन सरकार सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूल मंत्र पर कार्य कर रही है।

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