दुनिया के नक्शे से मिटने या छोटा होने के इंतजाम खुद यूक्रेन ने ही किए हैं.!

यूक्रेन के चार प्रमुख इलाकों को अपने कब्जे में लेने के बाद शांत बैठा दिखाई देने वाला रूस एक बार फिर से भड़क उठा है. रूस खुद नहीं भड़का है. क्रीमिया में मौजूद एक बड़े पुल को ध्वस्त करके रूस को यूक्रेन ने ही भड़का डाला है, वो भी अमेरिका और नाटो गैंग में शामिल कुछ देशों के बहकावे में आकर.

ताकि रूस की नजरों में खटक रहा यूक्रेन साफ हो जाए और वे सब यानी दबे पांव रूस की खिलाफत में डटे घाघ पश्चिमी देश खुद अपनी खाल सुरक्षित बचा सकें. इस सब करे-धरे का मास्टरमाइंड अगर दुनिया में कोई है, तो वो अमेरिका को माना जा रहा है.

दुनिया भर के रक्षा विशेषज्ञों की मानें तो यूक्रेन का यही कदम अब उसी के लिए बेहद भारी साबित होने लगा है. यूक्रेन की इस गुस्ताखी से बौखलाया रूस अब आगे पीछे का कुछ भी सोचे-विचारे बिना सिर्फ और सिर्फ यूक्रेन को नीचा दिखाने की जिद पर अड़ चुका है. भले ही अपनी इस जिद को पूरा करने के लिए रूस को खुद कितना भी नुकसान ही क्यों न उठाना पड़े. मतलब साम दाम दंड भेद से रूस का पहला निशाना हाल फिलहाल तो, यूक्रेन को हमेशा-हमेशा के लिए खामोश करना है. यूक्रेन ने रूस का क्रीमिया में मौजूद बेशकीमती और बेहद काम का पुल क्या तबाह किया, मानो उस तबाही से बौखलाया रूस अब यूक्रेन को दुनिया के नक्शे से ही मिटाने पर आमादा हो गया है. मतलब रूस के हाथों अपनी तबाही की कुंडली खुद यूक्रेन ने ही लिखी है.

पांव पीछे खींचने को राजी नहीं रूस

अब तक रूस को समझा-बुझाकर जो दुनिया उसे शांत करने की कोशिशों में जुटी थी, हाल-फिलहाल तो उन तमाम कोशिशों पर यूक्रेन ने खुद ही पानी फेर लिया है. यूक्रेन जो अमेरिका, ब्रिटेन और नाटो संगठन के गैंग में शामिल देशों के उकसाने पर, अंधत्व का शिकार होकर रूस के सामने अड़ तो खुशी खुशी गया. उसके बाद रूस ने यूक्रेन की जिस तरह से लम्हा-लम्हा जो दुर्गति की. उसे दुनिया ने देखा और अकेले यूक्रेन ने भोगा है. इससे हड़बड़ाया यूक्रेन बीते 5-6 महीने से रूस के पांवों में पड़ा अपनी जान छोड़ देने के लिए उससे भीख मांग रहा है. यूक्रेन, अमेरिका व पश्चिमी देशों की बेज हरकतों से हैरान-परेशान रूस है कि अब किसी भी कीमत पर पांव पीछे खींचने को राजी नहीं है.

बात रूस व यूक्रेन की गलियों से छन-छनकर बाहर आ रही अंदर की खबरों की करें तो अब, तीन दिन से सुनने में आ रहा है कि यूक्रेन के ल्वोव, तर्नोपिल, इवानो-फ्रैंकिव्स्क, झाइतोमिर, नीप्रो, खारकीएव, कोनोटॉप, ओडेस्सा और क्रेमेनचुग जैसे शहरों पर रूस ने इस कदर का भीषण हमला बोल रखा है, जिससे यूक्रेन में कोहराम मच गया है. ये हमले सोमवार तड़के यानी 10 अक्टूबर सन् 2022 से लगातार होते हुए अब तक देखे-सुने जा रहे हैं. इन हमलों में आम लोगों के हताहत होने की खबरें मिल रही हैं. कुछ लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि कई लोग बुरी तरह से जख्मी हो चुके हैं. इन तथ्यों की पुष्टि कीव के मेयर भी कर चुके हैं.

रविवार यानी 9 अक्टूबर 2022 को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन में मची इस सब तबाही के लिए, यूक्रेन की ही ‘स्पेशल सर्विस’ को ज़िम्मेदार ठहराया है. यूक्रेन के आंतरिक मामलों के मंत्री के सलाहकार रोस्तीस्लाव स्मर्नोव ने कहा है कि रूसी हमलों में यूक्रेन की राजधानी कीव में कई कीमती वाहन भी बर्बाद हो गए. इन रूसी हमलों से हड़बड़ाए कीव के मेयर विताली क्लित्स्को कहते हैं कि “हमारे (कीव) के कई महत्वपूर्ण ठिकानों को रूसी मिसाइलों ने निशाना बनाया है.” उधर ऐसे में बात अगर भारत की भूमिका की करें तो, यूक्रेन की राजधानी कीव में स्थित भारतीय दूतावास ने यूक्रेन में मौजूद भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइज़री जारी की है. जिसके मुताबिक भारतीय नागरिकों को यूक्रेन की यात्रा और यूक्रेन में रह रहे भारतीयों को देश के भीतर, सभी गैर-जरूरी यात्रा करने से बचने की सलाह दी गई है.

यूक्रेन में बढ़ते संघर्ष को लेकर भारत चिंतित

हिंदुस्तानी दूतावास ने यूक्रेन में रह रहे भारतीयों से अपने स्टेट्स की जानकारी देने की अपील भी की है ताकि जरूरत पड़ने पर मदद की जा सके. वहीं दूसरी ओर यूक्रेन में रविवार सोमवार से अचानक बढ़े रूसी हमलों के बाद के हालातों को ताड़ते हुए हिंदुस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा था कि “भारत यूक्रेन में बढ़ते संघर्ष को लेकर चिंतित है. विशेषकर उस नाजुक वक्त में जब सीधे-सीधे यूक्रेन में इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया जा रहा है. और लोगों की मौत हो रही है.”

यूक्रेन की वायु सेना के प्रवक्ता यूरी इहनत ने कहा है कि मंगलवार को सुबह तक रूस ने 83 मिसाइलें लॉन्च कीं थीं. नीप्रो और डनेप्रोपेट्रोव्स्क क्षेत्र के प्रशासक वैलंटीन रेज़्नीचेंको के मुताबिक, उनके इलाके में बड़े पैमाने पर मिसाइल हमले हुए हैं. ल्वीव क्षेत्र में बिजली केंद्रों को निशाना बनाया गया है. झाइतोमिर क्षेत्र में भी बिजली केंद्रों को निशाना बनाए जाने की पुष्ट खबरे हैं. ऐसा नहीं है कि यूक्रेन की सर जमीं के ऊपर यह सब ताबड़तोड हमले रूस चोरी छिपे कर रहा है. इन हमलों की पुष्टि खुद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी कर चुके हैं. मतलब अब लड़ाई आर-पार की है. ऐसे में क्या यह अंदाजा लगाना गलत होगा कि यूक्रेन की बेजा हरकत से बौखलाया रूस अब यूक्रेन को दुनिया के नक्शे से मिटाने या फिर नक्शे पर बेहद छोटा करने की जिद पर आमादा हो चुका है.

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