मुलायम सिंह ISI एजेंट- यशवंत सिन्हा के पुराने बयान पर केशव मौर्या का अखिलेश यादव से समर्थन पर सवाल

उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने एक पुराने अखबार की कटिंग ट्वीट करते हुए अखिलेश यादव से पूछा है कि जिन्हें आप राष्ट्रपति पद के लिए समर्थन दे रहे हैं उनके मुलायम सिंह यादव पर दिए बयान को लेकर क्या कहेंगे? दरअसल केशव प्रसाद मौर्य ने अखबार की जिस कटिंग को ट्वीट किया है उसमें यशवंत सिन्हा ने दावा किया है क मुलायम सिंह यादव आईएसआई एजेंट हैं। यशवंत सिन्हा ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि कि मुलायम उत्तर प्रदेश में आईएसआई की बढ़ती गतिविधियों में सीधे तौर पर शामिल है। यही नहीं, उन्होंने ये भी कहा था कि काठमांडू में आईएसआई एजेंटों की मेजबानी करने वाले नेपाल के सांसद मिर्जा दिलशाद बेग के साथ उनके घनिष्ठ संबंध के कारण उन्हें रक्षा मंत्री बनने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। गौरतलब है कि राष्ट्रपति चुनाव के लिए एनडीए ने द्रोपदी मूर्मु को अपना उम्मीदवार चुना है वहीं विपक्ष की तरफ से संयुक्त रूप से यशवंत सिन्हा को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया है।
यशवंत सिन्हा ने कहा था कि दिलशाद बेग जब भी लखनऊ आते थे तो वो मुलायम सिंह यादव के घर पर ही रुकते थे। यशवंत सिन्हा ने कहा था- आईएसआई गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले मंत्री को प्रधानमंत्री को बर्खास्त कर देना चाहिए। लेकिन अगर प्रधानमंत्री ने आंखें बंद कर ली हैं तो मुझे कुछ कहने की जरूरत नहीं है। यशवंत सिन्हा ने कहा था कि नेपाल भारत विरोधी गतिविधियों के केंद्र के रूप में उभरा है और कहा कि केंद्र को इसकी पूरी जानकारी है, लेकिन इसे रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया।दरअसल इंटेलिजेंस ब्यूरो के एक पूर्व अधिकारी द्वारा एक किताब पर प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया गया था कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और कुछ विधायकों के पाकिस्तान की सीक्रेट सर्विस आईएसआई से संबंध हैं। मुख्यमंत्री मुलायम सिंह ने पूछा है कि क्या ये दावा नदवा मदरसे पर हुए एक असफल छापे की वजह से लगाया गया? मुलायम सिंह यादव ने बीजेपी द्वारा उनपर लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए कहा था- आईबी ने 1995 में नदवा मदरसे पर छापा मारा था। लेकिन, जब मैंने हस्तक्षेप किया और छापेमारी को रोक दिया जिससे आईबी के अधिकारी उग्र हो गए। मैंने उनके खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कराई थी। किताब को लेकर मुलायम सिंह यादव ने कहा था कि लेखक की मानसिकता भाजपा वाली थी इसलिए उन्होंने ऐसी टिप्पणी की।

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