यूपी में किस तरह से मिल रही सरकारी नौकरी? सीएम योगी ने बताया भर्ती का आधार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उनकी सरकार में सभी नियुक्तियां पारदर्शी व निष्पक्ष तरीके से हो रही हैं। सभी मंडलों से आबकारी आरक्षियों की नियुक्ति हुईं, जो इस बात का द्योतक है। अब बिना सिफारिश के आधार पर योग्यता के अनुरूप नौकरी दी जा रही है। सेंटर फॉर मॉनीटरिंग इंडियन इकोनॉमी के सर्वे में 2016 में जो 18-19 फीसदी बेरोजगारी थी, वह घटकर अब 2.7 प्रतिशत के करीब आ गई है।

मुख्यमंत्री शुक्रवार को 332 आबकारी आरक्षियों को नियुक्ति पत्र बांट रहे थे। उन्होंने कहा कि शारदीय नवरात्रि में 332 में से 109 महिला आरक्षियों को नियुक्ति पत्र मिलना गौरव व प्रसन्नता की बात है। उन्होंने लोकभवन में आयोजित समारोह में कहा कि लखनऊ, बुलंदशहर, गोरखपुर, झांसी, सहारनपुर, प्रयागराज, मिर्जापुर समेत सभी जिलों से भर्तियां हुई हैं। साढ़े पांच वर्ष में हमने पांच लाख से अधिक युवाओं को शासकीय सेवाओं से जोड़ा है। ये युवा अपनी ऊर्जा का लाभ यूपी को दे रहे हैं।

सीएम ने नियुक्ति पत्र देने के दौरान आरक्षियों से कहा कि आप समाज को सही दिशा देंगे। जहरीली शराब को रोकने में योगदान देंगे, राजस्व बढ़ाएंगे और जीवन से खिलवाड़ करने वालों पर अंकुश लगाएंगे। मुख्यमंत्री ने प्रतीक के तौर पर 11 आरक्षियों लखनऊ के मुकेश कुमार, बुलंदशहर के हरेंद्र कुमार, गोरखपुर की सुमन पटेल, श्वेता सोनकर, झांसी की प्रियंका सचान, सहारनपुर के हरदीप चौधरी, प्रयागराज की रीता यादव, मिर्जापुर की प्रियंका सिंह, गाजीपुर के सोनू अली, आजमगढ़ के आशुतोष दुबे व अयोध्या के संतोष पांडेय को नियुक्ति पत्र अपने हाथों से दिए।

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