शिंजियांग मुद्दे पर चीन के खिलाफ क्यों नहीं किया मतदान? मोदी सरकार ने दिया ये जवाब

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) में चीन के खिलाफ मतदान से परहेज को लेकर भारत ने बयान जारी किया है। केंद्र की मोदी सरकार ने कहा कि भारत की पुरानी परंपरा रही है कि वह किसी भी ‘देश विशिष्ट प्रस्ताव पर मतदान’ में हिस्सा नहीं लेता है। भारत ने शुक्रवार को कहा कि चीन के अशांत शिंजियांग क्षेत्र में मानवाधिकार की स्थिति पर चर्चा के लिए यूएनएचआरसी में एक मसौदा प्रस्ताव पर मतदान में भाग नहीं लेना ‘देश विशिष्ट प्रस्ताव पर मतदान में’ हिस्सा नहीं लेने के उसके दीर्घकालिक चलन पर आधारित है।गौरतलब है कि भारत ने शिंजियांग क्षेत्र में मानवाधिकार की स्थिति पर चर्चा के लिए यूएनएचआरसी में एक मसौदा प्रस्ताव पर मतदान में हिस्सा नहीं लिया था। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में संवाददाताओं से कहा कि यह किसी देश विशिष्ट प्रस्ताव पर मतदान में’ हिस्सा नहीं लेने के उसके दीर्घकालिक चलन पर आधारित है।हालांकि भारत सरकार ने स्पष्ट कहा कि चीन के शिनजियांग प्रांत के लोगों के मानवाधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, “भारत सभी मानवाधिकारों के लिए प्रतिबद्ध है। भारत ऐसे मुद्दों से निपटने के लिए बातचीत का पक्षधर है। हमने चीन के शिनजियांग प्रांत में मानवाधिकारों की चिंताओं का OHCHR के आकलन का संज्ञान लिया है।”

Leave a Reply

Your email address will not be published.