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दिल्ली में दिल दहला देने वाली घटना, कमर्शियल बिल्‍ड‍िंग में लगी आग 27 लोगों की गई जान

1970-01-01 00:00:00

 

According to the fire department officials, the information about the fire was received at 4.45 pm. After this 30 fire tenders were sent to the spot. The fire was brought under control at around eleven o'clock in the night after about five and a half hours of effort. But by then more than two dozen people had lost their lives.

 

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कश्मीरी पंडित को आतंकियों ने मारी गोली, इलाज के दौरान इुई मौत

1970-01-01 00:00:00

 

Rahul is said to be a Kashmiri Pandit who was working in the Revenue Department for a long time. But on Thursday, the terrorists entered the Tehsil office and shot them. The terrorists are said to be absconding from the spot and their search is on. Army has started its search operation in the area, every effort is being made to nab those terrorists at the earliest.

 

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वैवाहिक दुष्कर्म को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनाया फैसला, बताया असंवैधानिक

1970-01-01 00:00:00

 

दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को वैवाहिक बलात्कार के अपराधीकरण की मांग वाली विभिन्न याचिकाओं पर खंडित फैसला सुनाया। फैसला सुनाते हुए न्यायमूर्ति राजीव शकधर ने पति को वैवाहिक बलात्कार के अपराध से छूट देना असंवैधानिक करार दिया। पीठ ने आईपीसी की धारा 375, 376 बी के अपवाद दो को खारिज कर दिया, जिसमें पति को अपनी पत्नी के साथ सहमति के बिना यौन संबंध रखने से छूट दी गई थी, इसे अनुच्छेद 14 का उल्लंघन मानते हुए।

 

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बडी खबर: देशद्रोह कानून पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, समीक्षा तक नई एफआईआर दर्ज नहीं होगी

1970-01-01 00:00:00

 

सुप्रीम कोर्ट ने राजद्रोह कानून पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों को राजद्रोह कानून की आईपीसी की धारा 124ए के तहत कोई मामला दर्ज नहीं करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने सरकार को आईपीसी की धारा 124ए के प्रावधानों पर समीक्षा की अनुमति भी दी। हालांकि, अदालत ने कहा राजद्रोह कानून की समीक्षा होने तक सरकारें धारा 124A में कोई केस दर्ज न करें और न ही इसमें कोई जांच करें।

 

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दीपक मुकुट ने की अपनी अगली थ्रिलर फिल्म 'पलटवार' की घोषणा

1970-01-01 00:00:00

 

सोहम रॉकस्टार एंटरटेनमेंट के निर्माता दीपक मुकुट का नाम कुछ रिवॉल्यूशनरी प्रोजेक्ट्स से जुड़ा हुआ है, जो समाज के गंभीर मुद्दों को मनोरंजक और सूचनात्मक तरीके से पेश करने का हुनर रखते हैं। जहाँ उन्होंने एक निर्माता के रूप में 'मुल्क' जैसी मार्मिक फिल्म का समर्थन किया है, वहीं मनोरंजक फिल्म 'शादी में जरूर आना' के पीछे भी उनका हाथ रहा है। आगे भी उनके पास विविध फिल्मों की एक व्यस्त योजना है, और फिल्म निर्माता ने 'पलटवार' की अपनी नवीनतम घोषणा के साथ इसे और भी खास बना दिया है।

 

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पूजा एंटरटेनमेंट- मेटावर्स में अपनी फिल्म की घोषणा करने वाला दुनिया का पहला भारतीय प्रोडक्शन हाउस

1970-01-01 00:00:00

 

मेटावर्स में अपनी पहली वर्चुअल स्पेस खरीदने में पूजा एंटरटेनमेंट सबसे आगे- #Poojaverse


2021 में बहुचर्चित विषय होने से लेकर आज की वास्तविकता बनने तक, मेटावर्स काल्पनिक दुनिया को जीवंत करने वाले समृद्ध यूज़र इंटरैक्शन में अपनी साख बनाने के रूप में उभरकर सामने आया है। यह एआर और वीआर का उपयोग करता है। पेरिस हिल्टन और स्नूप डॉग कुछ ऐसे सेलेब्स रहे हैं, जिन्होंने मेटावर्स में वर्चुअल स्पेस खरीदी है। भारत और भारतीय मनोरंजन में इसकी अगुवाई करने में पूजा एंटरटेनमेंट प्रखर रहा है। पूजा एंटरटेनमेंट ने मेटावर्स में अपनी पहली वर्चुअल स्पेस खरीदी है। इस प्रकार, यह इस नई और रोमांचक दुनिया में कदम रखने वाला पहला प्रोडक्शन हाउस बन गया है।
पूजावर्स कहते हैं, "हाल ही में घोषित प्रोजेक्ट 'बड़े मियां छोटे मियां' के साथ यह दर्शकों के लिए अपनी तरह का पहला गुणवत्तापूर्ण इमर्सिव अनुभव और निर्माताओं के लिए बेमिसाल वर्चुअल स्थान होगा। इस प्रकार, मेटावर्स के भीतर घोषित होने वाली पहली भारतीय फिल्म के रूप में इस फिल्म का नाम शुमार हुआ है।"
विज़नरी और इंडस्ट्री लीडर्स होने के नाते, प्रमुख दीपशिखा देशमुख और जैकी भगनानी ने न केवल इस अग्रणी डिजिटल वेंचर के मालिक होने के लिए, बल्कि दर्शकों के लिए अनुभव को जीवंत करने में कोई कमी-कसर नहीं छोड़ी है। जबकि विश्व स्तर पर कई लोग अभी-भी इस नए अवसर पर विचार कर रहे हैं, पूजा एंटरटेनमेंट इस रोमांचक प्रत्याशा का स्वामित्व ले चुका है और इसे अद्वितीय तरीके से जीवंत करने का माध्यम बना है।
पूजावर्स और इसके लिए उनके दृष्टिकोण के बारे में बात करते हुए, निर्माता दीपशिखा देशमुख कहती हैं, "मेटावर्स इंटरनेट का नया चेहरा है। यह हमारे दर्शकों और प्रशंसकों से जुड़ने का एक नया तरीका प्रदान करता है। लोगों ने पेशेवर, शैक्षिक या मनोरंजन आदि उद्देश्यों के लिए काफी समय ऑनलाइन बिताया है। इसके उपयोग में बढ़ोतरी के साथ ही ब्लॉक चेन तकनीक में भी तेजी से वृद्धि देखने को मिली। मेटावर्स वर्चुअल हैंगआउट का भविष्य बन रहा है और साथ ही नए तरीके से कॉन्टेंट प्रदान करने का जरिया बनने के लिए प्रतिबद्ध है। मैं मेटावर्स में हमारे सबसे बड़े और सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट 'बड़े मियां छोटे मियां' को लेकर बहुत उत्साहित हूँ। पूजावर्स इस दिशा में हमारा पहला कदम है। समय के साथ और इस वर्चुअल स्पेस की अधिक बारीक समझ के साथ, हम पूजावर्स को डिजिटल दुनिया में गुणवत्तापूर्ण मनोरंजन और फिल्म निर्माण के विभिन्न पहलुओं के लिए उपयुक्त स्थान बनाने का इरादा रखते हैं।"
मेटावर्स अनुभव के साथ 'बड़े मियां छोटे मियां' फ्रैंचाइज़ी को एकीकृत करने की अपनी योजनाओं के बारे में बात करते हुए, निर्माता जैकी भगनानी कहते हैं, "मेरा मानना है कि डिजिटल वर्चस्व को हमेशा आने वाले समय के रूप में माना जाता था, लेकिन महामारी के साथ चीजें पूरी तरह बदल गई हैं। इस तकनीक के परिणाम के रूप में बनाई गई दुनिया और वास्तविक जीवन की डिजिटल प्रतिकृति की विचारधारा पर मेटावर्स राज करता है। यह अब एक भविष्यवादी विचार नहीं है, क्योंकि अब यह तेजी से आकार लेना शुरू कर चुका है और एक ऐसा रूप ले रहा है, जिसका सतत विकसित हो रहा है। हम अपने वर्चुअल स्पेस- पूजावर्स और अपनी आगामी बड़ी फिल्म 'बड़े मियां छोटे मियां' की नींव रखने की घोषणा करके वास्तव में उत्साहित हैं, जो मेटावर्स पर प्रदर्शित होने वाली भारत की पहली फिल्म है।"
'बड़े मियां छोटे मियां' के अनाउंसमेंट वीडियो के चारों तरफ 'ब्लॉकबस्टर' लिखा हुआ है और इसने सभी प्लेटफॉर्म्स पर धूम मचा दी है, जिसने इसके प्रशंसकों को मंत्रमुग्ध कर दिया है। पूजा एंटरटेनमेंट की टीम अपने सबसे बड़े एक्शन एंटरटेनर- 'बड़े मियां छोटे मियां' में दो पीढ़ियों के मेगास्टार अक्षय कुमार और टाइगर श्रॉफ को एक साथ लाने के लिए उत्साहित है। पूजा एंटरटेनमेंट के इस प्रोडक्शन को पांच भाषाओं- हिंदी, तेलुगु, तमिल, कन्नड़ और मलयालम में रिलीज़ किया जाना तय है। वर्ष 2023 में क्रिसमस पर फिल्म के बड़े पर्दे पर हिट होने पर बॉक्स-ऑफिस के सभी रिकॉर्ड तोड़ने की उम्मीद लगाई जा रही है।

 

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कोविड-19 महामारी के दौरान टैफेने राजस्थान के छोटे किसानों को मुफ्त ट्रैक्टर किराये पर उपलब्‍ध कराया

2020-04-10 00:00:00

 

राजस्थान: राजस्थान के छोटे और सीमांत किसानों पर कोरोनावायरस के खतरे के प्रभाव को कम करने और संकटग्रस्‍त फसली मौसम के दौरान किसान समुदाय को सहायता पहुंचाने के उद्देश्‍य से, टैफे ने अपनीसामाजिकपहल (सी.एस.आर.) के तहत, अपने जेफार्म सर्विसेज प्‍लेटफॉर्म के माध्यम से मुफ़्तट्रैक्टर रेंटल योजना की घोषणा की, जो अप्रैल01, 2020 से शुरू होकर 90 दिनों की अवधि के लिए चालू रहेगी। यह योजना राजस्थान के 20 जिलों में उपलब्ध होगी।

 

इस पहल के तहत, टैफे ने अपने मैसी फर्ग्यूसन और आयशर ट्रैक्टरों कीएक बड़ी संख्याको उपलब्‍ध कराया है और फ्री ट्रैक्‍टर रेंटल यानी मुफ्त किराये के आधार पर बिनाकिसीक़ीमतयाशुल्कके11,000 ट्रैक्टर और 50,000 उपकरणों की पेशकश करेगा। मैसी फर्ग्यूसन, आयशर ट्रैक्टर्स और उपकरणों को किराए पर देने वालों को सीधे कंपनी द्वारा भुगतान किया जाएगा।

 

किसान अपने ऑर्डर जेफार्म सर्विसेज मोबाइल ऐप या टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-4200-100 पर बुक कर सकते हैं। इसके अलावा, किसान राज्य भर में मौजूद इसके क्षेत्र अधिकारियों, डीलर नेटवर्क आदि जैसे विभिन्न ऑन-ग्राउंड माध्यमोंसेभी अपने ऑर्डर बुक कर सकते हैं, जो पहले से ही राजस्थान के किसान समुदाय के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

 

टैफे की चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्‍टर - मल्लिका श्रीनिवासन ने बताया कि,“राजस्थान सरकार ने कोविड-19 संकट के दौरान किसानों की जरूरतों के प्रति काफी संवेदनशीलता दिखाई है, और हम राजस्थान के छोटे तथा सीमांत किसानों की सहायता के उद्देश्‍य से मैसी फर्ग्यूसन और आयशर ट्रैक्टर की फ्री रेंटल सेवाओंकी पेशकश करने वाली टैफे की सामाजिकपहल (सी.एस.आर.)को स्वीकार करने के लिए सरकार के आभारी हैं। टैफे ने जेफार्म सर्विसेज प्लेटफॉर्म पर अपने मैसी फर्ग्यूसन और आयशर ट्रैक्टरों को पंजीकृत करने के लिए बड़ी संख्या में ग्राहकों को इकट्ठा किया है, ताकि रबी की फसल के दौरान राज्य के छोटे किसानों की कृषि मशीनीकरण की जरूरतों को पूरा किया जा सके।"

 

इस मौके पर, श्री नरेश पी. गंगवार, प्रमुख सचिव, कृषि विभाग, राजस्थान सरकार ने कहा,“ट्रैक्टर्सएंड फार्म इक्‍विपमेंट (टैफे) जैसे सामाजिक रूप से जिम्मेदार कंपनियोंको देखकर खुशी होती है,जो रबी के मौसम में, खासकर जब किसान कोविड-19 महामारी के कारण संकट का सामना कर रहे हैं, मैसी फर्ग्यूसन और आयशर ट्रैक्टरोंकोमुफ्त किराये पर देकर समय पर सहायता प्रदान कररहे हैं। राजस्थान सरकार इस महत्वपूर्ण मोड़ पर टैफे के प्रयासों का स्वागत करती है।”

 

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सरकारों का नागरिकता तय करने अधिकार खत्म हो - विश्वात्मा

2020-01-13 00:00:00

 

रंगापारा सोनितपुर- असम 13 जनवरी। सकल घरेलू उत्पाद अन्य चीजों के अलावा प्राकृतिक संसाधनों के कारण भी बनता है। जिस के बदले सरकार करेंसी नोट छपती है। लेकिन इस करंसी नोट को कथित रूप से बुद्धिमान और धनवान लोग यह कहकर हड़प लेते हैं कि यह मेरी है। मैं अधिक बुद्धिमान हूं। मैं अधिक परिश्रमी हूं और मैंने निवेश किया है। किंतु यह अन्याय है। क्योंकि प्रकृति योग्यता के आधार पर भेदभाव नहीं करती। इसलिए यह नोट सभी वोटरों में बिना शर्त बांटने का कानून बनना चाहिए। इसी को वोटरशिप कहा जाता है।

                उक्त बातें वोटर्स पार्टी इंटरनेशनल के नीति निर्देशक विश्वात्मा भरत गांधी ने राजनीति सुधारकों के चार दिवसीय प्रशिक्षण शिविर को संबोधित करते हुए रंगापारा में कहा। शिविर कमला थियेटर में चल रहा है। 700 लोगों की क्षमता का यह थिएटर बालकनी सहित पूरा खचाखच भरा है। इस शिविर का आयोजन पार्टी के सोनितपुर जिला कमेटी ने किया है।

                श्री विश्वात्मा भरत गांधी ने कहा है कि वैश्वीकरण के इस युग में नागरिकता तय करने का

अधिकार सरकारों के पास नहीं छोड़ा जा सकता। उन्होंने बताया कि प्रत्येक व्यक्ति के प्रेम की भौगोलिक परिधि समान नहीं होती। किसी व्यक्ति को केवल अपने परिवार से प्रेम होता है और किसी दूसरे व्यक्ति को अपने गांव या अपनी जाति से प्रेम होता है। जबकि अन्य व्यक्ति को पूरे देश से प्रेम होता है लेकिन आज्ञा चक्री लोगों को संपूर्ण विश्व से प्रेम होता है।

                उन्होंने कहा कि मानव मन के इस प्राकृतिक वर्गीकरण के कारण व्यक्ति के प्रेम की भौगोलिक परिधि क्या है, यह वह  व्यक्ति स्वयं ही जान सकता है। सरकार नहीं जान सकती। ऐसी स्थिति में सरकार किसी व्यक्ति की नागरिकता कैसे तय कर सकती है? कोई व्यक्ति पूरे विश्व से प्रेम करता है तो उसको किसी एक देश की नागरिकता लेने के लिए बाध्य कैसे कर सकती हैं?

                आगे उन्होंने कहा कि कौन कहां की नागरिकता धर्म और आस्था जैसे व्यक्ति की निजी और अंतरात्मा की चीज है इस सरकार की संस्था कैसे पहचान सकती हैं? व्यक्ति की नागरिकता तय करने के मामले में सरकारों को प्राप्त अधिकार वैसा ही अधिकार है जैसे सरकार है व्यक्तियों के धर्म तय करने लगे और उनको यह निर्देश जारी करने लगे कि तुम हिंदू बनो या मुसलमान या किसी अन्य धर्म का अनुयाई बनो। श्री विश्वात्मा ने कहा कि जिस प्रकार व्यक्ति का  धर्म तय करना सरकार का अधिकार नहीं हो सकता, उसी प्रकार व्यक्ति की नागरिकता तय करना भी सरकार का अधिकार नहीं हो सकता।

                राजनीतिक सुधारों पर दर्जनों पुस्तकों के लेखक विश्वात्मा भरत गांधी ने कहा कि नागरिकता के संबंध में पूरा संसार राजनीतिक अंधविश्वास से ग्रस्त है। उन्होंने कहा कि नागरिकता का जो वर्तमान अर्थ है यह यूरोप में 17वीं और 18वीं शताब्दी में तब पैदा हुआ जब सभ्यता और संस्कृति भौगोलिक सीमाओं कैद  रहने के लिए अभिशप्त थी। मानवीय संबंध प्रत्यक्ष संपर्क के अधीन था। किंतु आज इंटरनेट मोबाइल व फिल्म जैसे संचार साधनों के कारण पूरे संसार के लोग आपस में जुड़ गए हैं। सभ्यताओं,  संस्कृतियों और  राष्ट्रीयता का एक परादेशिक और वैश्विक संस्करण पैदा हो गया है।

                ऐसी परिस्थिति में नागरिकता का प्रादेशिक और वैश्विक संस्करण पैदा होना लाजमी है। किंतु दुर्भाग्यवश नागरिकता के संबंध में अंधविश्वासों के कारण नागरिकता के किसी परादेशिक और वैश्विक संस्करण पर अंतरराष्ट्रीय संधि नहीं हो पा रही है। इसकी वजह से नागरिकता को लेकर पूरे संसार में तरह-तरह के विवाद, हिंसा और युद्ध की परिस्थिति पैदा हो रही है जो दुर्भाग्यपूर्ण है।

                उन्होंने आगे कहा कि वोटर्स पार्टी इंटरनेशनल इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए नागरिकता, राष्ट्रवाद, लोकतंत्र, संप्रभुता, स्वतंत्रता और न्याय जैसी अवधारणा का एक नया माडल लेकर जनता की अदालत में प्रस्तुत हुई है। उन्होंने सामाजिक व राजनीतिक कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों से अपील किया कि वोटर्स पार्टी इंटरनेशनल के माडल को यूटयूब चैनल के सहारे समझने की कोशिश करें और अपने अपने हिस्से की भूमिका का निर्वाह करें।

                विश्वात्मा ने कहा कि निर्धन समुदाय के और मध्य वर्ग के प्रतिनिधि जब राजनीतिक सत्ता में भागीदारी पाएंगे तब प्राकृतिक संसाधनों के बदले छपही नोट का वितरण समाज के प्रत्येक व्यक्ति में बराबरी के आधार पर हो सकेगा। इसी को वोटरशिप पहले से कहा जाता है।

 

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राहुल गांधी को सावरकर का गलत इतिहास पता है : संजय राउत

2019-12-16 00:00:00

 

शिवसेना नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने राहुल गांधी के सावरकर वाले बयान पर सलाह दी है. राउत ने कहा कि राहुल गांधी को सावरकर का गलत इतिहास पता है. महाराष्ट्र कांग्रेस के नेताओं को राहुल गांधी को सावरकर का सही इतिहास बताने की जरूरत है. बता दें कि राहुल ने दिल्ली में ‘भारत बचाओ’ रैली में कहा था- मेरा नाम राहुल सावरकर नहीं, राहुल गांधी है, सही बात बोलने के लिए माफी नहीं मांगूंगा. 

राउत ने सावरकर को लेकर कांग्रेस और शिवसेना में तनातनी की खबरों को लेकर ये भी साफ किया कि गठबंधन की यह सरकार महाराष्ट्र में पूरे 5 साल चलने वाली है. शिवसेना ने सावरकर को भारत रत्न दिए जाने की मांग फिर से दोहराई है.

राज्यसभा सांसद ने कहा है कि देश में कुछ लोग सरदार पटेल, जवाहरलाल नेहरू और महात्मा गांधी के ऊपर अलग-अलग राय रखते हैं पर उनके योगदान को नकार नहीं सकते. ऐसे ही राहुल गांधी के सावरकर के ऊपर दिए बयान से उनका योगदान नकारा नहीं जा सकता.

शिवसेना ने साफ किया है कि सावरकर शिवसेना के हीरो थे और हीरो रहेंगे. महाराष्ट्र में सावरकर की भूमिका ना बदली है ना बदलेगी. शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि सावरकर महाराष्ट्र के साथ-साथ देश के लिए प्रेरणादाई हैं.

बता दें कि शिवसेना और कांग्रेस के बीच वैचारिक मतभेद बहुत ज्यादा हैं. इस वैचारिक मतभेद के बीच कॉमन मिनिमम प्रोग्राम बनाकर महाराष्ट्र में तीनों पार्टियों ने सरकार बनी. ताजा उठापटक के बीच में शिवसेना यही कह रही है कि सरकार कॉमन मिनिमम प्रोग्राम से चलेगी. शिवसेना ने इससे पहले नागरिकता संशोधन बिल पर राज्यसभा से वाकआउट किया था जिस पर सवाल करने पर संजय राउत ने कहा कि सदन में निर्भयता पूर्वक अपनी बात कही पर अपनी पुरानी मांगों पर शिवसेना अभी भी अडिग है.

गौरतलब है कि महाराष्ट्र में कांग्रेस-शिवसेना-एनसीपी गठबंधन की सरकार बनने के बाद माना जा रहा था कि शिवसेना उग्र हिंदुत्व से कंप्रोमाइज करेगी. हालांकि सावरकर के ताजा विवाद पर शिवसेना की इस प्रतिक्रिया से यह साफ़ हो गया है कि पार्टी अब भी हिंदुत्व को बढ़ावा देती है.

 

 

 

 

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